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MCC Museum में रखी है 1936 की मरी हुई गौरया (Sparrow) और उसके पास वही लाल Cricket गेंद।

03 जुलाई 1936 को Cricket Match के दौरान Lord’s Cricket Ground ( London) पर गेंद से एक गौरया (sparrow) चिड़िया की मौत हो गई थी जिसे आज भी MCC museum में रखा गया है।

MCC Museum में रखी 1936 की मरी हुई गौरैया (sparrow) और उसके पास वही लाल क्रिकेट गेंद।"

Highlights:

कैसे हुई थी गौरैया (Sparrow) चिड़िया की मौत?

Lord’s के Cricket Stadium में Marylebone Cricket Club (MCC) vs Cambridge University के बीच First-Class Match खेला जा रहा था जिसके दौरान जहांग़ीर खान की एक गेंद गौरया चिड़िया को लगी और मौके पर ही उसका मौत हो गई जिसे आज भी MCC के Museum में उसी गेंद के साथ रखा गया है, जिससे चोट लगने पर मौत हुई थी।

कब लगी थी गौरैया को चोट?

जहांग़ीर खान ने जब MCC के बल्लेबाज टॉम पियर्स को गेंद फेंका तो वह गेंद बल्लेबाज के पास पहुंचने से पहले ही उस चिड़िया को लग गई क्योंकि वह चिड़िया उड़ते हुए उस Ground के बीच में आ गई थी। जिसकी गेंद से अचानक मौत हो गई।

आज भी उस चिड़िया को क्यों रखा गया है?

क्रिकेट इतिहास की शायद वह पहली घटना थी जिसमें एक गेंद लगने से उड़ती हुई चिड़िया की मौत हो गई थी। इसलिए आज भी उसे प्रदर्शन करने के लिए रखा गया है जो यह बताता है कि क्रिकेट के दौरान अजीबो गरीब घटनाएं हो सकती है। उस चिड़िया को उसी गेंद के साथ रखा गया था इसीलिए उन्हें The Sparrow and the Ball नाम से प्रदर्शित किया गया है।

आज भी वह सड़ी-गली क्यों नहीं?

जैसे ही चिड़िया की मौत हुई MCC ने taxidermist को दिया, जो जानवर/पक्षी की skin और feathers को सावधानी से हटाकर, अंदर से साफ़ करते है। फिर अंदर chemical preservatives और भराव (cotton, sawdust, foam वगैरह) डाले जाते ताकि उसका आकार बना रहे। वह chemical bacteria और fungus को बढ़ने से रोकते हैं। यही कारण है कि आज भी वह चिड़िया सड़ी-गली नहीं।

MCC Museum का इतिहास।

वह MCC Museum दुनिया का सबसे पुराना Museum है जिसकी स्थापना 1953 में हुई थी। आज भी उसे म्यूजियम में 400 साल पुरानी इतिहास से जुड़ी चीज रखी गई है। कोई दिग्गज खिलाड़ियों के गेंद, बल्ला और दास्तान भी रखा गया है। 18वीं और 19वीं शताब्दी के क्रिकेट Art और rare फोटो भी मौजूद है।

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